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Bihar Weather News: बिहार के सभी 38 जिलों में येलो अलर्ट, आज बारिश के साथ 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बिहार में आज बारिश, गरज-चमक और वज्रपात का अलर्ट है। 38 जिलों में येलो अलर्ट के बीच तेज हवाएं चल सकती हैं।

पटना, 23 सितंबर 2026। Alam Ki Khabar: बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। बुधवार को राज्य के सभी 38 जिलों में बारिश, गरज-चमक और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा चेतावनी बुलेटिन में 23 सितंबर से आगे के दिनों में भी बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधि बने रहने का संकेत दिया गया है। 

आज राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। कुछ इलाकों में बारिश की तीव्रता अधिक रह सकती है। खास तौर पर पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर और सीवान में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बारिश के साथ कई जगहों पर मेघ गर्जन और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।

50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार

मौसम खराब होने के दौरान तेज हवाएं भी परेशानी बढ़ा सकती हैं। कई स्थानों पर हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों, दोपहिया वाहन चालकों और खेतों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

पटना के लिए भी मौसम विभाग के पूर्वानुमान में 23 सितंबर को बारिश या गरज के साथ बौछार और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। राजधानी में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 

24 और 25 सितंबर को बढ़ सकती है बारिश की गतिविधि

मौसम का असर केवल बुधवार तक सीमित नहीं रहने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 24 और 25 सितंबर को बिहार में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। इन दोनों दिनों में कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। 26 सितंबर को भी बारिश और गरज-चमक का असर कई जगहों पर बना रहने का अनुमान है।

इसके बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव आने की संभावना है, हालांकि कुछ जिलों में बारिश और वज्रपात का खतरा आगे भी बना रह सकता है।

बीते 24 घंटे में दक्षिण बिहार के कई हिस्सों में बारिश

पिछले 24 घंटे के मौसम पर नजर डालें तो दक्षिण बिहार के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। जमुई समेत कुछ जिलों में बारिश हुई, जबकि पटना और गया में दिन के समय तेज धूप निकलने के कारण उमस की स्थिति बनी रही।

गया जिले के टनकुप्पा में सबसे अधिक 52.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। टेकरी में 42.4 मिलीमीटर, नवादा के अकबरपुर में 38 मिलीमीटर, बेलागंज में 19.4 मिलीमीटर और कोंच में 18.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। गया के फतेहपुर में 14.8 मिलीमीटर, नवादा के गोबिंदपुर में 14.4 मिलीमीटर और जहानाबाद के मखदुमपुर में भी 14.4 मिलीमीटर बारिश हुई।

इसके विपरीत पटना में इस अवधि में बारिश दर्ज नहीं हुई। मौसम के इस अंतर के कारण राज्य के एक हिस्से में बारिश और दूसरे हिस्से में गर्मी-उमस की स्थिति देखने को मिली।

बिहार में सामान्य से करीब 37 प्रतिशत कम बारिश

मानसून के मौजूदा सीजन के आंकड़ों के अनुसार बिहार में अब तक 589.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश करीब 938.6 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। इस लिहाज से राज्य में अभी तक सामान्य से लगभग 37 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है।

बारिश की मौजूदा गतिविधि से इस कमी में कुछ सुधार की उम्मीद की जा सकती है, लेकिन कुछ दिनों की बारिश से पूरे मानसूनी घाटे की भरपाई संभव नहीं मानी जा सकती। अलग-अलग जिलों में बारिश का वितरण भी एक जैसा नहीं रहा है।

तापमान में गिरावट के आसार

बीते दिनों बिहार के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहा। कैमूर का भभुआ सबसे गर्म इलाकों में रहा, जहां अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद मंगलवार को कैमूर में तापमान 38.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा।

दरभंगा में 37.3 डिग्री, पूर्णिया में 36.4 डिग्री, पटना में 35.9 डिग्री, भागलपुर में 35.1 डिग्री और मुजफ्फरपुर में 34.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बारिश बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में दिन के तापमान में गिरावट आने की संभावना है। पटना के लिए 24 सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और 25 सितंबर को करीब 30 डिग्री रहने का पूर्वानुमान है। 

24 से 26 सितंबर तक कैसा रहेगा मौसम?

24 सितंबर: बिहार में बादल छाए रहने और कई जगह बारिश या गरज के साथ बौछार पड़ने की संभावना है। कुछ इलाकों में बारिश की तीव्रता अधिक रह सकती है।

25 सितंबर: बारिश का असर और बढ़ सकता है। कई जिलों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं और वज्रपात की स्थिति बन सकती है।

26 सितंबर: बारिश का दौर पूरी तरह समाप्त नहीं होगा। कई जगह बादल छाए रहेंगे और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने इस दिन भी बारिश और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की है। 

वज्रपात के दौरान बरतें विशेष सावधानी

बारिश और आंधी के साथ सबसे बड़ा खतरा वज्रपात का रहता है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले मैदान, खेत, सड़क किनारे अकेले खड़े पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहना चाहिए। आंधी के दौरान कमजोर मकानों, पुराने ढांचे और होर्डिंग के आसपास खड़े होने से भी बचना जरूरी है।

किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम खराब होने पर खुले खेतों में काम रोककर सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी जाती है। वाहन चलाते समय भी तेज बारिश और कम दृश्यता की स्थिति में गति नियंत्रित रखना जरूरी है।

बिहार में फिलहाल मौसम का यह दौर अगले कई दिनों तक जारी रहने के संकेत हैं। ऐसे में लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनी पर नजर रखने और जरूरत के अनुसार अपनी यात्रा व बाहरी गतिविधियों की योजना बनाने की जरूरत है।

मौसम बदले तो सावधानी ही सबसे जरूरी

बारिश और तापमान में गिरावट लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दे सकती है, लेकिन तेज हवा और वज्रपात के साथ आने वाली बारिश को सामान्य बारिश समझना ठीक नहीं होगा। खासकर ग्रामीण और खुले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए मौसम की चेतावनी को गंभीरता से लेना जरूरी है। अगले दो-तीन दिनों में बारिश की गतिविधि बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन, स्थानीय निकायों और आम लोगों को सतर्क रहना होगा।

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Editorial: बारिश के साथ सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी

बिहार में बारिश की वापसी गर्मी और उमस से राहत देने वाली हो सकती है, लेकिन तेज हवा और वज्रपात का खतरा इसे सामान्य मौसम की स्थिति से अलग बनाता है। ऐसे समय में मौसम विभाग की चेतावनी को नजरअंदाज करने के बजाय सावधानी बरतना जरूरी है। खेतों, खुले मैदानों और सड़क पर काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता रखनी चाहिए। मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रुकना छोटी-सी सावधानी है, जो बड़े खतरे से बचा सकती है।

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